Thursday, 29 March 2018

अगर कोई आपको अपशब्द कहे तो ये जवाब दें!!

हैलो दोस्तो,
ये दुनियाँ बहुत बड़ी है, यहीं अच्छे लोगों का वास होता है तो बुरे लोगों का भी।
आदमी के संस्कार ही उसे अच्छा या बुरा बनाते हैं।
एक दिन की बात है रमेश और सुनील में किसी बात को लेकर बहस हो गई।
और बहस इतनी बढ़ी कि रमेश, सुनील को गालियाँ भी देने लगा।
सुनील ने उसे समझाया कि देख भाई तू मुझे गाली मत दे; ठीक रहेगा।
इस पर रमेश का पारा और गर्म हो गया और बोलने लगा कि मैं गालियाँ ही दूँगा, देखता हूँ तू क्या कर लेगा।
ऐसा बोलकर रमेश और तीखी यानी कि मां-बहन की भी गालियाँ देने लगा।
सुनील ने खुद पर धैर्य बनाये रखा और उसे फिर से समझाते हुए बोला कि देख भाई - माँ, बहिन की गालियाँ मुझे भी आती हैं लेकिन मैं नहीं दे रहा वो अलग बात है।
इस पर रमेश बोला; तू मुझे गालियाँ देकर तो देख; पता चल जाएगा।
इस पर सुनील बोला; i am sorry लेकिन मैं आपकी mom को गालियाँ नहीं दे सकता।
रमेश - हिम्मत होगी तब देगा ना।
सुनील - हिम्मत की बात नहीं है रमेश!! मैं भी तेरी mom को गाली दे सकता हूँ और तू ज्यादा से ज्यादा क्या करेगा मुझे 4 थप्पड़ लगाएगा तो 2 थप्पड़ मैं भी लगा सकता हूँ??
लेकिन इससे कुछ हासिल नहीं होगा।
बल्कि मैं आपकी माँ जी को गाली देकर अपने ही संस्कार खराब करूँगा।
आप मुझे गालियाँ दे रहे हो ये आपके संस्कार हैं और मैं नहीं दे रहा तो ये मेरे संस्कार हैं।
अगर तुम अब भी सोच रहे हो कि मैं तुमसे डरकर; तुम्हारी माँ को गालियाँ नहीं दे रहा तो तुम बिल्कुल गलत सोच रहे हो।
रमेश; सुनील की बातों को सुनता ही रह गया अब वो सुनील को क्या जवाब दे? ये उसे समझ ही नहीं आया।
और इस तरह सुनील ने बिना गाली दिए ही रमेश की बोलती बंद कर दी।
तो friends, अगर तुम्हें कोई अपशब्द बोलता है तो तुम्हें अपना आपा खोकर अपशब्द नहीं बोलना चाहिए बल्कि सुनील की तरह जवाब देकर उस गाली देने वाले की बोलती बंद कर देनी चाहिए।
और अगर आप भी अपशब्द बोलते हो तो please, इस post से कुछ सीखिए और आज से ही अपशब्द ना बोलने की प्रतिज्ञा लीजिये।
जय हिन्द।

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Thursday, 22 February 2018

होली पर विचार

हमें किसी भी त्यौहार की याद तब आती है जब वो सर पर होता है।
अब हमें ही देख लो होली के कुछ दिन बाकी है तभी मुझे होली पर ब्लॉग लिखने का विचार आया।😊 लेकिन आया तो सही।
अब अपने भारत के कुछ लोग तो ऐसे हैं जिन्हें होली का विचार आने के बाद भी उसे नजरअंदाज कर देते हैं। और होली एक बुरा त्यौहार है ये अपने मन को करार दे देते हैं।
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यही सोच तो है आजकल हम युवाओं की, जो होली नहीं खेलते हैं, सोचते हैं कि कपड़े खराब हो जाएंगे और भी कई नुकसान होंगे। और किसी शख्स ने भी उनके मन के अंदर ये wrong number डाल दिया कि आजकल होली कोई नही खेलता इससे कई प्रकार के नुकसान हैं।
और फिर अपने कपड़े बिगड़ने के डर से वो होली ना खेलते हुए अति गंभीर और बोरिंग जिंदगी जीते हैं। और कुछ लोग तो ऐसे भी हैं जो होली वाले दिन घर से बाहर भी नहीं निकलते, फिर होली निकल जाती है और बावजूद उनका त्यौहार होने के, वो इसका आनंद नही उठा पाते।
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भाई हम गंभीर तो हर वक़्त ही रहते हैं लेकिन खुशी के मौके पर जब कोई गंभीर हो जाये तो वो बाकी लोगों की खुशी भी छीन लेता है।
भले ही आपको होली खेलने का कोई शौक ना हो लेकिन अपने इस त्यौहार को जीवंत रखने के लिए ये जरूरी है कि थोड़ा गुलाल दूसरे को और थोड़ा खुद को भी लगवाएं।
और हां मुंह सिकोड़ कर नहीं बल्कि चेहरे पर एक गजब सी मुस्कान देकर।
आपका ये छोटा सा कदम बच्चों को खुश करने के साथ ही साथ आपको अपने अंदर से आत्मीयता सुख का अहसास कराएगा।
इसीलिए दोस्तों होली में कपड़े खराब होगें ये सोचकर खुद को होली खेलने से रोको मत बल्कि होली खेलने से हम चार लोगों के चेहरों पर खुशी देखेंगे ये सोचकर सबसे पहले होली खेलने आप ही आगे आओ।
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तो दोस्तों मैं तो जमकर होली खेलने वाला हूँ, अगर आप भी हमारे साथ हो तो comment लिखकर हमें अवश्य बताएं और बताएं कि आपको होली पर मेरा ये विचार कैसा लगा।
जय हिंद।

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Friday, 10 November 2017

कभी कभी वक़्त ऐसा खेल खेलता है...

कभी कभी वक़्त ऐसा खेल खेलता है...!!!

👉कभी कभी वक्त ऐसा खेल खेलता है..!!
कि हम जो सोचें उसे पाने के लिए भले ही पूरी जी-जान लगा दें लेकिन वो फिर भी नहीं मिलता।
तो कभी मात्र हमारे चाहने से ही ख्वाहिश पूरी हो जाती है।
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जब आप फ्री हों तो अपने दोस्तों से लिमिट में ही बातें करना यारों...!!
क्योंकि busy होने पर आप उनसे ज्यादा बात नही कर पाओगे और वो तुम पहले से काफी बदल गए हो वाली बात बोल सकते हैं।
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अगर आप ज्यादा पढ़ लिख गए हो और बेहतर जॉब की तलाश में घर पर ही बैठे हो तो ये भी आपके आत्मविश्वास को कमजोर करता है;
इससे अच्छा है कि आप छोटी मोटी जॉब करने के साथ ही बेहतर जॉब की भी तलाश कर सकते हो।
और अपने आपको कोसने से बच सकते हो।
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लोग बेरोजगार हैं क्योंकि वो शुरुआत से ही बेहतर सैलरी की उम्मीद करते हैं।
अगर जॉब आपकी पसंद की है तो शुरुआत मुफ्त काम करने से भी कर सकते हो।
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आज हर किसी कंपनी को फ्रेशर से ज्यादा जरूरत experience वाले employee की है।
और किसी कंपनी से experience तभी लिया जा सकता है जब आप मुफ्त काम करने की हिम्मत रखते हों।
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कभी कभी कोई शख्स हमसे इतना प्यार करता है कि वो हमेशा हमसे contact में रहना चाहता है, हमसे बात करना चाहता है...!!
शुरुआत में ये हमें अच्छा लगता है लेकिन कुछ समय बाद उसका call आना, हमारे आंखों की किरकिरी बन जाता है।
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चलना है तो अपने हिसाब से चलो, दुनियाँ का कुछ भरोसा नहीं, वो अपना angle कभी भी change कर सकती है...!!!
अगर आप हमेशा हंसकर जीवन जीते हो तो वो आपको sincere होने की सलाह देगी।
जब आप sincere हो जाओगे...तो कभी हंस भी लिया करो; वाली बात बोलेगी।
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जय हिन्द।
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Saturday, 5 August 2017

Top 5 (five) apps jo har insaan ke mobile me hone chahiye

Top 5 apps(Top five apps)जो सब लोगो के मोबाइल में होने चाहिए। Top 5 app usefull apps,   आज के समय मे लगभग हर इंसान के पास स्मार्ट फ़ोन होता है और मोबाइल फ़ोन को स्मार्ट बनाते है ऍप्स आज में कुछ ऐसे ऍप्स के बारे में बताने जा रहा हु जो आपके मोबाइल में होने ही चाहिए नही तो आपको पछताना पड़ सकता है क्योंकि आज के टाइम पर आपकी मोबाइल की सिक्योरिटी बहुत जरूरी है और आपको आपके डेटा का बैकअप लेते रहना चाहिए जिससे आपके मोबाइल में कुछ प्रॉब्लम हो जाये तो आप अपने डेटा को बड़ी आशनी से रिकवर कर सके आज में ऐसे ही कुछ ऍप्स के बारे में बताना जा रहा हु और ये ऍप्स आपके लिए काफी useful हो सकते है देखिये लिस्ट
1. AVG FREE ANTIVIRUS-

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AVG antivirus एक फ्री सॉफ्टवेयर है और ये एप्प आपको बहुत सारे फीचर्स देता है वायरस, मैलवेयर और थ्रेड्स से आपके मोबाइल को बचा के रखता है और ये एप्प आप प्लेस्टोर से फ्री में डाउनलोड कर सकते है और इस आप की रेटिंग भी काफी अच्छी है और इस एप्प को अबतक 100 मिलियन डाऊनलोड हो चुके है और इसका find/locate ऑप्शन को चुन कर आप अपने मोबाइल को चोरी होने से भी बचा सकते है और अगर आपका मोबाइल चोरी हो जाता है तो आप अपने मोबाइल का सारा डेट वाइप कर सकते है और अपने मोबाइल को आशनी से ट्रैक भी कर सकते है जिससे आपकी मोबाइल की प्रवासी बानी रहेगी
2.Daily Hunt News-

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लोग आज के समय मे काफी बिजी हो गए है इस एप्प की मदद से आप अपने फ्री टाइम में न्यूज़ अपढ़ सकते है और देश और दुनिया मे क्या चल रहा उसकी जकनकारी आपको बानी रहे और करंट अफेर्स से अपडेटेड रहोगे आप uc न्यूज़ एप्प भी डाउनलोड कर सकते है उस एप्प से भी लेटेस्ट न्यूज़ पड़ सकते है इस एप्प में आप न्यूज़ लगभग हर इंडियन भाषा में पड़ सकते है ये एप्प भारत की लगभग सब भाषाओं में न्यूज़ आफर करता है
3.Justdail app-

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इस एप्प का नाम अपने सुना तो जरूर होगा ये एप्प आपको सटीक जानकारी देता है इस एप्प की सर्विस को 35 वर्गो में बता गया है जिसमे पेट्रोल पंप से लेकर शॉपिंग तक सब जानकारी मिल जाएगी इस एप्प की मदद से आप किसी दुकान का एड्रेस और उसका मोबाइल नंबर तक देख सकते है और तो और इस एप्प में 35 सर्विस में आप किसी भी सर्वउस का उसे अपने हिसाब से कर सकते है ये आपको सारी करेक्ट इन्फॉर्मेशन देता है ये एप्प आपकी लोकेशन के हिसाब से सबसे पास वाले पेट्रोल पंप आदि की जकनकारी आसानी से प्राप्त कर सकते है
4.Google photos-

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इस एप्प को अबतक लगभग 1 बिलियन लोगो ने डाउनलोड किया है ये एप्प हर मोबाइल में लगभग प्रेइंस्टॉल आता है इसका एक ही मतलब है कि ये एप्प कितना उपयागी है इस आप की हेल्प से आप अपने सारे फोटोज को गूगल फोटोज में अपलोड सकते है और ये एप्प पूरी तरह से फ्री है इस एप्प को आप आसानी से प्लेस्टोर से डाउनलोड कर सकते है इस एप्प में आप अपने डेटा का बैकअप ले सकते है आपके सारे फोटोज और वीडियो को ऑनलाइन अपलोड करके इसका एक यह फायदा है जिनसे आपके मोबाइल खराब हो जाता है तो आपको डरने की कोई जरूरत नही है आपका सारा का सारा डेटा मिल जाएगा
5.Uc Bwoser-

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Uc browser एक ऐसा एप्प है जिसमे आप केवल सर्च ही नही बल्कि अप न्यूज़ भी पड़ सकते है और इस एप्प की मदद से आप कोई भी वीडियो सांग या मूवी हाई स्पीड से डाउनलोड कर सकते है और एप्प में अप न्यूज़ काफी भाषाओं में पड़ सकते है और ये ब्राउज़र ब्राऊज़िंग करने के लिए सबसे अच्छा है
अगर आप लोगो को के पोस्ट पसंद आये तो फॉलो करना न भूले इस ब्लॉग को और अगर इस पोस्ट में कुछ प्रॉब्लम हो तो जरूर बातये

Saturday, 17 June 2017

Father is the second form of God

भगवान का दूसरा रूप - पिता

पिता भगवान का वो दूसरा रूप होता है, जिसमे हम बच्चे, पिता के कड़क स्वभाव को देखकर उनसे डरने लगते हैं; और डरना जायज भी है।
लेकिन भगवान और हमारे पिता में बस यही अंतर है कि जब हमसे कोई गलती हो जाती है तो भगवान हमे सजा देगा तो उसकी सजा का तब पता चलेगा; जब हमें ठोकर लगेगी,और फिर हमें सुधरने में वक्त लगेगा।
लेकिन जब उस गलती की सजा हमारे पिता के द्वारा मिलेगी तो तुरंत वो हम पर बहुत नाराज  होंगे लेकिन हमें उसके बाद दूसरी ठोकर नहीं लगने देंगे, हमें संभाल लेंगे और सही रास्ते पर जाने के लिए पूरी पूरी सहायता करेंगे।

पिता ऊपर से जितने कड़क होते हैं, अंदर से उतने ही नरम!
अगर किसी बात पर पिता ने आपको डाँट लगा दी और आपने नाराज़ होकर खाना छोड़ दिया तो यकीन मानिये पिता को भी खाना तब तक अच्छा नही लगेगा!!! जब तक आप नहीं खा लोगे।
इसके लिए वो आपकी माँ से बोलेंगे (दरअसल वो अंदर से रुआँसा होकर बोलना चाहते हैं लेकिन वो अपनी नाराजगी भी तो दबाना नहीं चाहते इसलिए वो आपकी माँ से भी कड़क होकर बोलेंगें) कि बुला लो उसे खाना खा ले;
इस तरह बार-बार नाराज़ होना ठीक नहीं।

👉ये पिता होता है और वाकई पिता बहुत महान होता है।

किसी ने कहा है कि:
"पिता की मौजूदगी सूरज की तरह होती है,
सूरज गरम जरुर होता है और अगर न हो तो अँधेरा छा जाता है।"
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Friends, अक्सर देखा गया है कि हम सभी अपने पिता से friendly नहीं हैं, क्योंकि हम अपने पिता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाते..!!
इसलिए आज पितृ दिवस के दिन खुद से ये वादा कीजिये कि हम आज से कोई भी ऐसा कार्य नहीं करेंगे जिससे कि हमारे पिता का दिल दुखे।
अगर आज आपके पिता आपके पास हैं तो इस दिन आप उनका आशीर्वाद लेना न भूलियेगा और अगर दूर हैं तो अभी एक बार उन्हें फोन अवश्य करियेगा।
फिर देखना पिताजी अचंभित होने के साथ-साथ खुश भी बहुत होंगें।
तो आज खुश तो करोगे ना अपने dad को।
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जय हिंद।

Thursday, 15 June 2017

कहानी गद्दार की...

वैसे तो हर इंसान पृथ्वी पर समान रूप से आता हैं लेकिन इस दुनियाँ के चालचलन और अपने फायदे के अनुरूप खुद को ढाल लेता है।
जो गद्दार होते हैं वो भी आगे पीछे का ना सोचकर सिर्फ अपने फायदे की सोचते हैं और फिर किसी के भी साथ कुछ भी कर डालते हैं।

अब ये गद्दार हर जगह छुपे रहते हैं यहां तक कि आपकी आंखों के सामने होंगें और आप पहिचान नही पाओगे।
उनकी गद्दारी का तभी पता चलेगा जब वो आपको धोखा या फिर आपकी पीठ में छुरा भौंक देंगें।

अब जो व्यक्ति सिर्फ आपको धोखा देगा तो सिर्फ आपका दिल दुखेगा।
लेकिन मैं उस गद्दार की बात कर रहा हूँ जो आपको, आपके परिवार को, गाँव को, शहर को, राज्य को; धोखा ना देकर के, अपने देश को धोखा देता है।
अगर मैं इस संबंध में विजय माल्या का नाम लूँ तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
ऐसा व्यक्ति हजारों जहरीले साँपों से भी खतरनाक होता है।
ऐसे व्यक्ति से देश के लाखों लोग प्रभावित होते हैं।

खैर, गद्दार के पैदा होने के पीछे सिर्फ एक वजह होती है और वो है लालच।
अब ये लालच पैसे का, किसी चीज का, जमीन -जायदाद का; किसी का भी हो सकता है।

किसी भी गद्दार को बढ़ावा वो लोग देते हैं जो चलो जाने दो, कहकर नजरअंदाज कर देते हैं।
फिर वही गद्दार आगे चलकर किसी दूसरे के साथ भी गद्दारी कर बैठता है।
अगर पहली बार में ही कोई उस गद्दार को अच्छे से सबक सिखाता तो वो किसी दूसरे के साथ गद्दारी करने की सोचता भी नही।
(ये Article आप technic jagrukta वेबसाइट पर पढ़ रहे हो।)
अपने देश में भी कुछ राजनीतिक पार्टियों में गद्दार छुपे बैठें हैं।
अपने देश की सरकार इसलिए भी काम अच्छे नहीं कर पाती क्योंकि विपक्षी पार्टियाँ हार जाने के बाद खुद पर काबू नहीं कर पातीं और केंद्र सरकार के नेताओं के गढ़े मुर्दे उखाड़कर सोशल मीडिया पर पब्लिश कर देते हैं।
हालांकि ये गढ़े मुर्दे 100℅ सत्य नहीं होते लेकिन लोग फोटोशॉप वगैरह का उपयोग करके उसे ऐसा बना देते हैं कि वो 100% सत्य लगे।
अभी किसी ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गौ-मूत्र पीते हुए फोटो वायरल कर दी थी और सभी लोगों को हैरत में डाल दिया था लेकिन जब इस केस की छानबीन हुई तो पता चला कि योगी जी हैंडपंप से पानी पी रहे थे और किसी ने बड़ी ही कुशलता से फोटोशॉप कर गाय का पृष्ठभाग कर दिया जिससे ये लग रहा था कि योगी जी गौ-मूत्र पी रहे हैं।

खैर, जब तक ऐसे वाहियाद लोग और पार्टियां देश मे बनी रहेंगी तो कोई अच्छे काम करने वाला बंदा अपनी हिम्मत ज्यादा दिनों तक नही टिका सकता।
हालांकि ये केस गद्दारी की श्रेणी में नहीं आता लेकिन ऐसे फोटोशॉप करने वाले लोगों को नीच श्रेणी का दर्जा दिया जाए तो कोई बेईमानी नहीं होगी।

जो व्यक्ति वाकई ही देश के हित में काम कर रहा हो, तो उसे ऐसे फोटोशॉप दिखाकर कमजोर ना बनाओ।
आप किसी भी पार्टी के हों अगर आपकी ही पार्टी का कोई सदस्य गलत राह पर चलता है तो उसका बहिष्कार किया जाना चाहिए ना कि उसका जो विरोधी पार्टी का हो और काम अच्छे कर रहा हो।

अपने ही देश मे रहकर अपने ही देश का गुणगान ना करना गद्दारी की श्रेणी में आता है।

अगर गद्दार देश का है तो देश उसे माफ न करे बल्कि एहसास दिलाये कि उसने गद्दारी की है जब वो शर्म से पानी-पानी हो जाये तब उसे माफी दी जा सकती है।
ठीक ऐसा ही नियम अपने राज्य, शहर, गांव, यहां तक कि अपने घर मे भी छुपे गद्दार के साथ लागू करना चाहिए।

अगर आपको भी किसी शख्स ने धोखा दिया है तो उसे इतनी जल्दी माफ मत करो, पहले उसे उसकी गलती का एहसास दिलाओ और खुद सुनिश्चित कीजिये कि ये अब किसी के साथ धोखा नहीं करेगा तब जाकर उसे माफ करो।

अंत मे कहना चाहूंगा कि:
माफ करना बहुत अच्छी बात है लेकिन एक धोखेबाज को बिना चेतावनी के माफ करना बहुत बुरी बात है।

इस blog पर अपने comments जाहिर कर बताइये कि इस संबंध में आपकी क्या राय है?
जय हिंद।
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Article के अलावा इन poems को भी पढ़ें :
★ये जिंदगी है यारो..
★जब लगे ठोकर किसी पत्थर से
★हे इंसान!!! ये तेरी सोच है...!!!
★जब हम किसी से...

Friday, 14 April 2017

Information और Knowledge में क्या अंतर है..??(What is the difference between Information and knowledge)

Information और Knowledge में क्या अंतर है..??
जानिये एक प्रेरणादायी अंदाज में...

जानकारी तो हम बचपन से ही इकठ्ठा करते आएं हैं,
जब हम nursery class में पढ़ते थे तो हमारे teacher हमें बैठना सिखाते थे, फिर पांचवी class तक आते आते हमें भूगोल और इतिहास की जानकारी दी जाने लगी थी;
और अब; जब हम college में पढ़ रहे हैं तब भी जानकारी इकट्ठी किये जा रहे हैं और हम sinθ+Cosθ =1 से कहीं आगे निकल चुके हैं।
दुनियाँ भर की जानकारी(information) हो गई है अब हमें।

लेकिन अगर बात knowledge की, की जाए तो..??

Sorry for that; but मैं कहना चाहूंगा कि हमने जितनी भी जानकारी इकठ्ठा की है उसकी 10% भी knowledge नहीं है।
क्योंकि...
याद करो वो दिन; जब हमें नैतिक कर्तव्य (moral value) का पाठ पढ़ाया जाता था और हमें उस पाठ में बताया जाता था कि हमें माता-पिता की सेवा करना चाहिये और अनुशाशन का पालन करना चाहिए।
Teacher ने तो स्कूल में केवल हमें जानकारी(information) दी थी कि माता-पिता की सेवा करना चाहिए;
लेकिन उस जानकारी को ज्ञान(ज्ञान) में तभी convert किया जा सकता था जब हम real में घर आकर माता-पिता की सेवा करते।
बस यही difference तो है information & knowledge में।
लेकिन तब, घर आते ही हम school की बातें school में ही छोड़ आते थे क्योंकि हम समझते थे कि ये बातें तो बस exams में लिखने के लिए होती हैं।
फिर माता-पिता की सेवा करना तो दूर; उलट उनसे रोज किसी ना किसी बात को लेकर डाँट ही खाते थे।
खैर, वो तो एक बचपन था; हम समझदार नहीं थे लेकिन अगर बात वर्तमान की; की जाए तो कितने हद तक हमें knowledge है!!!
कितनी सेवा करते हैं अपने माँ-बाप की..??

अगर हम आज भी अपने माता-पिता की सेवा करते हैं तो वास्तव में हम एक; strong knowledge रखते हैं और एक चरित्रवान व्यक्ति हैं।

अगर real में माँ-बाप की सेवा नहीं करते हैं तो  क्या फायदा है उस जानकारी का जो जिंदगी में किसी काम ही नहीं आती।
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चलो अब बचपन की नैतिक कर्तव्य की किताब छोड़ो।
अब बात करते हैं एक निबंध (essay) की, 👍जो हमने बारहवीं class में सीखा था और exams में उसके बारे में अच्छे से explain भी किया था।
उस निबंध का नाम था :
दहेज - एक सामाजिक अभिशाप।
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इस निबंध में हमने दहेज़ के बारे में जाना कि इसका लेन-देन क्यों बेकार है और यह किस तरह हमारे समाज को खोखला किये जा रहा है।
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शायद, तब भी हमने उस निबंध के बारे में इसलिए जानकारी इकठ्ठा की ताकि सिर्फ exam में अच्छे से explain करके, अच्छे marks बटोर सकें।
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सिर्फ information को अपने पास रखना महानता नहीं है, महानता तो उस information को knowledge में convert करने में है।
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ठीक इसी तरह, दहेज के बारे में हमें जो जानकारी है उसे अगर समाज से हटाना है तो life में Apply करो और अगर किसी को दहेज़ लेने से नहीं रोक सकते तो कम से कम अपनी शादी में ना लेने की प्रतिज्ञा करें।
तभी सार्थक रूप से हम अपनी information को knowledge में convert कर सकते हैं।
क्योंकि "knowledge is better than information"
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जय हिंद।

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