Friday, 14 April 2017

Information और Knowledge में क्या अंतर है..??(What is the difference between Information and knowledge)

Information और Knowledge में क्या अंतर है..??
जानिये एक प्रेरणादायी अंदाज में...

जानकारी तो हम बचपन से ही इकठ्ठा करते आएं हैं,
जब हम nursery class में पढ़ते थे तो हमारे teacher हमें बैठना सिखाते थे, फिर पांचवी class तक आते आते हमें भूगोल और इतिहास की जानकारी दी जाने लगी थी;
और अब; जब हम college में पढ़ रहे हैं तब भी जानकारी इकट्ठी किये जा रहे हैं और हम sinθ+Cosθ =1 से कहीं आगे निकल चुके हैं।
दुनियाँ भर की जानकारी(information) हो गई है अब हमें।

लेकिन अगर बात knowledge की, की जाए तो..??

Sorry for that; but मैं कहना चाहूंगा कि हमने जितनी भी जानकारी इकठ्ठा की है उसकी 10% भी knowledge नहीं है।
क्योंकि...
याद करो वो दिन; जब हमें नैतिक कर्तव्य (moral value) का पाठ पढ़ाया जाता था और हमें उस पाठ में बताया जाता था कि हमें माता-पिता की सेवा करना चाहिये और अनुशाशन का पालन करना चाहिए।
Teacher ने तो स्कूल में केवल हमें जानकारी(information) दी थी कि माता-पिता की सेवा करना चाहिए;
लेकिन उस जानकारी को ज्ञान(ज्ञान) में तभी convert किया जा सकता था जब हम real में घर आकर माता-पिता की सेवा करते।
बस यही difference तो है information & knowledge में।
लेकिन तब, घर आते ही हम school की बातें school में ही छोड़ आते थे क्योंकि हम समझते थे कि ये बातें तो बस exams में लिखने के लिए होती हैं।
फिर माता-पिता की सेवा करना तो दूर; उलट उनसे रोज किसी ना किसी बात को लेकर डाँट ही खाते थे।
खैर, वो तो एक बचपन था; हम समझदार नहीं थे लेकिन अगर बात वर्तमान की; की जाए तो कितने हद तक हमें knowledge है!!!
कितनी सेवा करते हैं अपने माँ-बाप की..??

अगर हम आज भी अपने माता-पिता की सेवा करते हैं तो वास्तव में हम एक; strong knowledge रखते हैं और एक चरित्रवान व्यक्ति हैं।

अगर real में माँ-बाप की सेवा नहीं करते हैं तो  क्या फायदा है उस जानकारी का जो जिंदगी में किसी काम ही नहीं आती।
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चलो अब बचपन की नैतिक कर्तव्य की किताब छोड़ो।
अब बात करते हैं एक निबंध (essay) की, 👍जो हमने बारहवीं class में सीखा था और exams में उसके बारे में अच्छे से explain भी किया था।
उस निबंध का नाम था :
दहेज - एक सामाजिक अभिशाप।
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इस निबंध में हमने दहेज़ के बारे में जाना कि इसका लेन-देन क्यों बेकार है और यह किस तरह हमारे समाज को खोखला किये जा रहा है।
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शायद, तब भी हमने उस निबंध के बारे में इसलिए जानकारी इकठ्ठा की ताकि सिर्फ exam में अच्छे से explain करके, अच्छे marks बटोर सकें।
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सिर्फ information को अपने पास रखना महानता नहीं है, महानता तो उस information को knowledge में convert करने में है।
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ठीक इसी तरह, दहेज के बारे में हमें जो जानकारी है उसे अगर समाज से हटाना है तो life में Apply करो और अगर किसी को दहेज़ लेने से नहीं रोक सकते तो कम से कम अपनी शादी में ना लेने की प्रतिज्ञा करें।
तभी सार्थक रूप से हम अपनी information को knowledge में convert कर सकते हैं।
क्योंकि "knowledge is better than information"
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जय हिंद।

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